उसको ही ख़ुदा भेज हक़ीक़त में आज़म की मेरे आ रही जो ख़्वाब में ख़ूब परी है। उसको ही ख़ुदा भेज हक़ीक़त में आज़म की मेरे आ रही जो ख़्वाब में ख़ूब परी है।
मेरा चाँद तो मेरे पास बैठता है। मेरा चाँद तो मेरे पास बैठता है।
काश फुरसत से अगर तुझे चाहा होता काश फुरसत से अगर तुझे चाहा होता
लबों से तो कुछ ना कहूं, नज़रों से हर वो बात हो। लबों से तो कुछ ना कहूं, नज़रों से हर वो बात हो।
आ तो जाती आ तो जाती
तेरे दर्द को है अपनाया दिल से तुझे चाहा हमने, तेरी आँखों को सज़दे है किये तेरी ज़ुल्फ़ तेरे दर्द को है अपनाया दिल से तुझे चाहा हमने, तेरी आँखों को सज़दे है किये ...